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देवली,करंट की चपेट में आए धनराज ने तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़,गत 2 जून को हुआ था हादसा

Norat Mal Nama 14-Jun-2026
मौत से नहीं जीत पाया धनराज, करंट से कटे थे दोनों हाथ देवली,करंट की चपेट में आए धनराज ने तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़,गत 2 जून को हुआ था हादसा देवली ,गांवड़ी पंचायत के दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की जिंदगी छीनने वाली उस दर्दनाक घटना का आखिरकार दुखद अंत हो गया है। बीते 2 जून को विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण 11 हजार वोल्ट की चपेट में आए धनराज ने रविवार सुबह जयपुर के एसएमएस अस्पताल की बर्न यूनिट में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। इस खबर ने लोगों क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। करीब दो सप्ताह तक मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष करने के बाद धनराज के निधन से उनके गांव और परिजनों में मातम पसर गया है। जिस परिवार का चिराग अब तक अस्पताल के बिस्तर पर अपनी पीड़ा से लड़ रहा था, उस पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुरेंद्र बैरवा ने बताया कि धनराज अपने माता-पिता का सहारा था, जिस पर तीन छोटी बेटियों और गर्भवती पत्नी के भरण-पोषण का भार था। दोनों हाथ गंवाने के बाद भी धनराज ने अपनी लड़ाई लड़ी, वह अब इस क्रूर नियति के आगे हार गई है। दरअसल यह मामला 2 जून को उस समय सामने आया था, जब कथित तौर पर लाईनमैन जयशेखर के बुलावे पर धनराज बिजली के खंभे पर चढ़ा था। उसे भरोसा दिलाया गया था कि विद्युत सप्लाई बंद है, लेकिन जीएसएस की लापरवाही ने अचानक सप्लाई चालू कर दी, जिससे धनराज बुरी तरह झुलस गया था। जयपुर के डॉक्टरों ने जान बचाने के लिए उसके दोनों हाथ काटने का कठिन निर्णय लिया था। हालांकि प्रशासन ने मुआवजे और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन धनराज की असमय मौत ने लोगों को हिलाकर रख दिया। घर का कमाऊ सदस्य खोने के बाद अब उस असहाय परिवार के सामने पेट पालने का ही नहीं, बल्कि भविष्य का अस्तित्व बचाने का भी संकट गहरा गया है। धनराज के निधन की सूचना मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया है। बता दे कि धनराज एसएमएस अस्पताल की बर्न यूनिट में उपचार ले रहा था, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी वह नहीं बच सका। धनराज की मदद के लिए लोगों ने आर्थिक सहायता भी एकत्र की। विद्युत निगम के अभियंताओं ने भी आर्थिक सहयोग दिया। लेकिन धनराज का जीवन नहीं बच सका।

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