Norat Mal Nama
29-Jul-2026
चातुर्मास आत्मचिंतन और संयम की साधना का श्रेष्ठ अवसर: मुनि वैराग्य सागर,
गुरु पूर्णिमा पर भक्ति और श्रद्धा का उमड़ा सैलाब
देवली ,मुनि वैराग्य सागर जी महाराज एवं सुप्रभ सागर महाराज के सान्निध्य में बुधवार को आयोजित "विद्या वैराग्य वर्धन वर्षायोग–2026" के अंतर्गत गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया।
इस दौरान सुबह सिद्धचक्र विधान मंडल की पूर्णाहुति के बाद चातुर्मास ध्वजारोहण एवं कलश स्थापना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। नगर पालिका टीन शेड में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में श्रीफल, पुष्प एवं आरती अर्पित कर गुरु वंदना की। इस दौरान विभिन्न परिवारों ने चातुर्मास कलश स्थापना का सौभाग्य प्राप्त किया। वैदिक एवं जैन परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ अर्जित किया। प्रवचनों में मुनि वैराग्य सागर महाराज ने कहा कि गुरु जीवन के अंधकार को दूर कर आत्मकल्याण का मार्ग दिखाते हैं। चातुर्मास आत्मचिंतन, संयम, स्वाध्याय, तप और धर्म साधना का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से चातुर्मास के दौरान अधिकाधिक धार्मिक गतिविधियों में भाग लेकर जीवन को संस्कारित बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का आयोजन श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर एवं धर्मशाला ट्रस्ट देवली के तत्वावधान में तथा सकल जैन समाज देवली के सहयोग से सम्पन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान धर्ममय वातावरण, गुरु भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने गुरुजनों का आशीर्वाद लेकर चातुर्मास को सफल बनाने का संकल्प लिया।
इन श्रद्धालुओं को मिला कलश स्थापना का सौभाग्य
चातुर्मास कलश स्थापना के अंतर्गत प्रथम कलश स्थापना का सौभाग्य निर्मल कुमार, प्रदीप कुमार एवं हेमंत पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ। द्वितीय कलश सुरेंद्र कुमार एवं रविंद्र पाटनी परिवार, तृतीय कलश महेंद्र कुमार एवं पदम कुमार पाटनी परिवार, चतुर्थ कलश इंद्रमल एवं अनिल बाकलीवाल परिवार तथा पंचम कलश लोकेश कुमार एवं नितेश कुमार सोनी परिवार ने स्थापित किया। इससे पहले चातुर्मास ध्वजारोहण का सौभाग्य संजय कुमार एवं निर्मल कुमार काला ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में वंदन कर धर्मलाभ अर्जित किया।