Norat Mal Nama
12-Jun-2026
देवली में श्री सीताराम विवाह महोत्सव पर झूमे श्रद्धालु
देवली ,पुरुषोत्तम मास में अटल उद्यान स्थित टीनशेड में चल रही 15 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के दौरान महामंडलेश्वर दिव्य मुरारी बापू ने जीवन में सफलता के चार अचूक सूत्र बताए।
उन्होंने कहा कि सफलता के लिए ईष्ट के प्रति अटूट निष्ठा, प्रत्येक जीव के साथ सद्भावना, विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और माता-पिता व गुरु का आशीर्वाद अनिवार्य है। इन गुणों को धारण करने वाले व्यक्ति के लिए कोई भी कार्य कठिन नहीं होता। कथा के दौरान बापू ने भगवान श्रीराम के विवाह के पांच प्रमुख प्रसंग नगर दर्शन, पुष्प वाटिका, धनुष यज्ञ, परशुराम संवाद और श्री सीताराम विवाह पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने नगर दर्शन लीला की व्याख्या करते हुए कहा कि यदि जीव संसार रूपी नगर में चलते समय सदैव परमात्मा का स्मरण रखे, तो उसे कहीं कोई बाधा नहीं आती। पुष्प वाटिका प्रसंग पर चर्चा करते हुए उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि यदि प्रत्येक बालक गुरु सेवा में और प्रत्येक कन्या भगवती की आराधना में तत्पर रहे, तो समाज से दुखों का नाश हो जाएगा। धनुष यज्ञ का प्रसंग सुनाते हुए बापू ने बताया कि जब बड़े-बड़े राजाओं का बल भी असफल हो गया, तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान राम ने धनुष भंग किया। उन्होंने समझाया कि कार्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि व्यक्ति धैर्य रखे और ईश्वर की शरणागति स्वीकार करे, तो सफलता निश्चित है। परशुराम संवाद के माध्यम से उन्होंने गीता के स्वधर्म पालन के संदेश को दोहराया। महोत्सव के अंत में सीताराम जी सहित चारों भाइयों के विवाह की सजीव झांकी सजाई गई। विवाह उत्सव के दौरान भक्त भक्ति के रंग में सराबोर होकर जमकर झूमे। कथा का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।