Norat Mal Nama
08-Jun-2026
रामकथा: राम नाम का अर्थ और जीवन में संस्कारों का महत्व
देवली ,शहर के अटल उद्यान में चल रही 15 दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान रविवार रात महामंडलेश्वर दिव्य मुरारी बापू ने बताया कि राम का अर्थ ही सबको सुख और आराम देने वाला है।
बापू ने कहा कि परमात्मा का नाम ही जीवन का एकमात्र साध्य है। कथा के दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति के 16 संस्कारों पर चर्चा करते हुए कहा कि एक बालक परिवार, समाज और शिक्षण संस्थाओं से ही संस्कार ग्रहण करता है, लिहाजा हम सभी का दायित्व है कि बच्चों के लिए ऐसा वातावरण बनाएं जो उन्हें श्रेष्ठ संस्कार दे सके। उन्होंने राम जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए स्पष्ट किया कि अंधकार के बाद ही प्रकाश आता है, ठीक वैसे ही संसार में राक्षसों के अत्याचार के बाद ही भगवान का अवतार होता है। राम नवमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि नवमी तिथि के रिक्त होने पर भगवान ने स्वयं उसे पूर्ण करने के लिए इसी तिथि पर जन्म लिया। बापू ने धन्ना भगत का उदाहरण देकर समझाया कि संतों और महात्माओं की सेवा में लगाया गया धन कभी नष्ट नहीं होता, बल्कि वह अक्षय पुण्य बन जाता है। कथा के अंत में राम जन्मोत्सव भव्यता से मनाया गया, जिसके बाद आरती और प्रसाद वितरण हुआ।