Breaking News
Sunday, 08-Feb-2026
Khabr Nama Rajasthan

Office Address

नोरत मल नामा देवली,टोंक राजस्थान
304804

Phone Number

+91 92148 31871

देवली,जैनत्व के जयघोष और 31 हाथियों और लवाजमे के साथ निकला जन्माभिषेक...,कदम-कदम पर हुई पुष्प वर्षा,धार्मिक कार्यों से धर्ममय हुई देवली नगरी,जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन

Norat Mal Nama 08-Feb-2026
देवली,जैनत्व के जयघोष और 31 हाथियों और लवाजमे के साथ निकला जन्माभिषेक...,कदम-कदम पर हुई पुष्प वर्षा,धार्मिक कार्यों से धर्ममय हुई देवली नगरी,जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन देवली ,शहर जैन धर्म के पांचवे तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु के जयकारों से पूरी तरह भक्तिमय हो गया। रविवार को चंद्रप्रभु अग्रवाल दिगंबर जैन मंदिर के तत्वावधान में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को प्रभु का जन्मकल्याणक महोत्सव अत्यंत वैभव और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुनि प्रणीत सागर महाराज और क्षुल्लक विधेय सागर महाराज के सानिध्य में अयोध्या नगरी से पांडुकशिला तक एक ऐतिहासिक जन्माभिषेक जुलूस निकाला गया, जिसकी भव्यता देख शहरवासी मंत्रमुग्ध हो गए। जुलूस का दृश्य देवलोक के उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा था, जिसमें सबसे आगे 31 हाथियों का विशाल लवाजमा चल रहा था। इसके साथ ही 10 अश्व रथ, ऊंट गाड़ियाँ और 4 विशेष जयघोष बैंड अपनी मधुर स्वर लहरियों से वातावरण में धर्म की प्रभावना बिखेर रहे थे। जैन समाज के लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर जुलूस में भाग लिया। केसरिया वस्त्रों में सजे श्रद्धालु और हाथों में जैन धर्म की गौरवशाली पताकाएँ लिए युवा मंडल इस यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे। शोभायात्रा अयोध्या नगरी से शुरू होकर जहाजपुर चुंगीनाका, गुरुद्वारा रोड, पुलिस स्टेशन, चंद्रप्रभु मंदिर, माता सर्कल, सीआईएसएफ गेट और नगर पालिका होते हुए गुजरी। पूरे मार्ग में शहरवासियों और व्यापारिक संगठनों द्वारा कई जगह तोरण द्वार सजाए गए और प्रभु की पालकी पर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। इससे पूर्व सुबह भगवान का जिनाभिषेक, जन्म संस्कार और आकर शुद्धि की क्रियाएं विधि-विधान से संपन्न की गई। दोपहर के सत्र में वास्तु शांति विधान और जन्मकल्याणक पूजन का आयोजन हुआ, जिसमें इंद्र-इंद्राणियों ने अर्घ्य समर्पित किए। मुनि ने अपने मंगल प्रवचनों में कहा कि तीर्थंकर का जन्म केवल एक कुल के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण जगत के कल्याण के लिए होता है। रात्रि के समय सौधर्म इंद्र द्वारा पांडुकशिला पर किए गए तांडव नृत्य और प्रभु की बाल क्रीड़ाए प्रस्तुत की जा रही है। प्रतिष्ठाचार्य और संगीतकार पार्टी के भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ गठित की गई 32 विभिन्न व्यवस्था समितियों के सदस्य मुस्तैद रहे, जिससे पूरी व्यवस्था सुचारू बनी रही। इससे पहले शहर में अर्धनारीश्वर मंदिर को लेकर निकाली गई कलश यात्रा और जैन समाज की जन्मभिषेक जुलूस से समूची सड़क फूलों से अट गई। इस दौरान समाज अध्यक्ष बंशीलाल सर्राफ़, कार्यक्रम अध्यक्ष विनोद जैन (मोतीपुरा), संयोजक पंकज जैन सर्राफ़, समन्वयक दिनेश सर्राफ़, दिनेश जैन (बाजटा) समेत मौजूद थे। इस दौरान गुरुद्वारा रोड पर गुरु नानक लेवा साध संगत और सिंधी समाज की ओर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यहां सिंधी समाज के अध्यक्ष विनोद धर्मानी समेत मौजूद थे। इसी तरह पटेल के सदस्यों ने भी जुलूस का स्वागत किया।

Previous News

Top News