Norat Mal Nama
24-Dec-2025
विस्थापित संघर्ष समिति का दूसरे दिन भी जारी रहा धरना
देवली,बीसलपुर बांध की भराव क्षमता बढ़ाए जाने के विरोध में राष्ट्रीय विस्थापित समन्वय संघर्ष समिति का देवली उपखंड कार्यालय के बाहर धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
जहाँ विस्थापितों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। संघर्ष समिति ने सरकार के सामने पुरजोर मांग रखी है कि बांध की भराव क्षमता को वर्तमान 315.50 आरएल मीटर पर ही यथावत रखा जाए, क्षमता बढ़ने से विस्थापितों के लिए बसाई गई पुनर्वास कॉलोनियां पूरी तरह पानी में डूब जाएंगी। विस्थापितों का कहना है कि बांध को ईआरसीपी (ERCP) योजना से जोड़ा जा रहा है, जिससे भविष्य में पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, लिहाजा भराव क्षमता बढ़ाने का निर्णय जनहित में नहीं है। ज्ञापन में विस्थापितों ने पूर्व में किए गए सरकारी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि बांध निर्माण के समय टोंक जिले को प्राथमिकता से सिंचाई व पीने का पानी देने और शेष भूमि पर नहर सुविधा का वादा आज तक अधूरा है। इसके साथ ही संघर्ष समिति ने मांग की है कि जिनकी भूमि 1.62 हेक्टेयर से अधिक डूबी है उन्हें पूरा रकबा आवंटित किया जाए, भूमि आवंटन के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाई जाए और चरागाह से बारानी भूमि रूपांतरण की फाइलों का निस्तारण कर पात्र विस्थापितों को शीघ्र भूमि दी जाए। विस्थापितों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी पुनर्वास नीति से जुड़ी लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होता और भराव क्षमता यथावत रखने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। धरने के दौरान बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार और किसान अपनी मांगों के समर्थन में डटे रहे। इस दौरान समिति अध्यक्ष मुकुट सिंह राणावत, सत्यनारायण सरसड़ी, लक्ष्मी जांगिड़, राजबहादुर वर्मा, बाबूलाल मीणा, यादराम मीणा समेत धरने पर मौजूद थे।