Norat Mal Nama
27-Feb-2026
शिव मंदिर में गूंज रहे फागुन के स्वर
दशकों पुरानी परंपरा को जीवंत रख रहे श्रद्धालु
देवली ,शहर के छतरी चौराहा स्थित प्राचीन शिव मंदिर में इन दिनों फागुन की अनूठी रंगत दिखाई दे रही है।
क्षेत्र के श्रद्धालु गत 24 फरवरी से निरंतर अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए लोक परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं। जहाँ आधुनिकता के दौर में कई स्थानों पर पारंपरिक फाग उत्सव और लोक गायन लुप्त होने की कगार पर हैं, वहीं यहाँ के स्थानीय लोग पिछले कई दशकों से इस परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ जीवित रखे हुए हैं। मंदिर परिसर में प्रतिदिन ढोल और थाप की मधुर धुन पर फागुन के गीतों की महफिल सज रही है। इस दौरान गायक और श्रद्धालु भगवान शिव, हनुमानजी और राधा-कृष्ण के जीवन पर आधारित मनमोहक भजनों का गायन कर रहे हैं। भक्ति और लोक संस्कृति के इस संगम में डूबकर लोग नृत्य करते हुए फाग का आनंद ले रहे हैं। बुजुर्गों से लेकर युवा पीढ़ी तक इस आयोजन में शामिल होकर अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस कर रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखने का माध्यम भी है। इसी तरह
योगेश श्रीमाल, रमेश गोयल, मोहन लाल खत्री, विनोद पुजारी, पंकज नथैया, ज्योति दाधीच, राजेश दाधीच, मुकेश शर्मा, योगेश पुजारी, सत्यनारायण तेली, मुकेश गर्ग, महेश अग्रवाल, उमेश जैन समेत युवा भी बस स्टैंड परिसर में प्रतिदिन यह परंपरा रात के समय पिछले कई वर्षों से निभा रहे हैं।