Norat Mal Nama
20-Feb-2026
देवली,बीसलपुर बांध विस्थापितों से एडीएम की वार्ता बेनतीजा रही,68 गांवों के लोग भराव क्षमता बढ़ाने का विरोध कर रहे
बीसलपुर बांध की भराव क्षमता बढ़ाने के विरोध में चल रहा धरना-प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए प्रशासन और विस्थापित समन्वय संघर्ष समिति के बीच शुक्रवार दोपहर वार्ता हुई। देवली उपखंड कार्यालय में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) टोंक भूपेंद्र सिंह यादव, देवली उपखंड अधिकारी और बीसलपुर बांध के अधिशाषी अधिकारी ने समिति के प्रतिनिधिमंडल से एक घंटे तक चर्चा की।
लेकिन यह वार्ता बेनतीजा रही।
समिति के सदस्यों ने सरकार के बीसलपुर बांध में जल संग्रहण आधा मीटर बढ़ाने के फैसले को गलत बताया। कासीर के पूर्व सरपंच यादराम मीणा ने बैठक में कहा कि सरकार ने तीन जिलों के 68 गांवों से बिना सहमति लिए भराव क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। ग्रामीण बीते दो माह से धरना-प्रदर्शन कर इसका विरोध कर रहे हैं। ब्राह्मणी नदी को बीसलपुर बांध से जोड़ा जा रहा है, तो भराव क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। अतिरिक्त जिला कलक्टर भूपेंद्र सिंह यादव ने समिति को आश्वस्त किया कि आधा मीटर पानी ज्यादा स्टोर होने से किसी भी गांव का एक भी घर नहीं डूबेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अतिरिक्त जल भंडारण से केवल कुछ गांवों की कृषि भूमि अधिग्रहित की जाएगी। हालांकि, समिति के सदस्य सरकार के प्रस्ताव को वापस लेने की अपनी मांग पर अड़े रहे। एक घंटे तक चली यह समझाइश वार्ता विफल रहने के बाद एडीएम यादव ने समिति की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। मांगों पर सहमति नहीं बनने पर समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण सरसड़ी ने धरना स्थल पर ग्रामीणों से कहा कि बीसलपुर बांध के भराव बढ़ाने के विरोध में यह धरना-प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि डूब से प्रभावित तीन जिलों के ग्रामीण सरकार के निर्णय को वापस लेने तक संघर्ष करते रहेंगे। वार्ता में उपस्थित प्रतिनिधिमंडल में कालूराम कुमावत, राजबहादुर वर्मा, सतीश वर्मा (नापाखेड़ा), यादराम मीणा (देवपुरा), हरलाल मीणा, दुर्गालाल खींची, सुरेंद्र बैरवा, मनोज मीणा, धनराज मीणा और भागचंद कुमावत सहित डूब क्षेत्र के गांवों के विस्थापित ग्रामीण शामिल थे।